वो आया करता है
मेरे कमरे मेँ
बेहिचक बेझिझक,
और बातेँ करता है
मेरी परछाईँ से।
और मैँ गुँगा बन सुनता हुँ उसकी लुभावनी बातेँ
जो मेरी उदासी दूर करने के वास्ते
सुनाया करता है .....
मेरे कमरे मेँ बेहिचक बेझिझक
वो कहता है मैँ तुम्हेँ
उदास नही देख सकता ....
माजी¤ को धुमिल,आज को
तरोताजा करना चाहता हुँ।
मैँ फिर बहरा बन बोल उठता हुँ
क्या वो खुद को भुल जाएगा?
नही ...नही ...नही ...ना
और सहानुभूति मेँ उठे
उसके हाथ अन्जाने मेँ ही सही
लेकिन
मेरे दुखते सुखते जख्मोँ को
छु जाते हैँ।
एक असह्य पीडा, मैँ तडप उठता हुँ।
वो फिर मायुस हो बुझे मन से
चला जाता है,
मेरे कमरे से बेहिचक, बेझिझक।।
सुजीत कुमार 'जलज'
¤माजी-अतीत
मेरे कमरे मेँ
बेहिचक बेझिझक,
और बातेँ करता है
मेरी परछाईँ से।
और मैँ गुँगा बन सुनता हुँ उसकी लुभावनी बातेँ
जो मेरी उदासी दूर करने के वास्ते
सुनाया करता है .....
मेरे कमरे मेँ बेहिचक बेझिझक
वो कहता है मैँ तुम्हेँ
उदास नही देख सकता ....
माजी¤ को धुमिल,आज को
तरोताजा करना चाहता हुँ।
मैँ फिर बहरा बन बोल उठता हुँ
क्या वो खुद को भुल जाएगा?
नही ...नही ...नही ...ना
और सहानुभूति मेँ उठे
उसके हाथ अन्जाने मेँ ही सही
लेकिन
मेरे दुखते सुखते जख्मोँ को
छु जाते हैँ।
एक असह्य पीडा, मैँ तडप उठता हुँ।
वो फिर मायुस हो बुझे मन से
चला जाता है,
मेरे कमरे से बेहिचक, बेझिझक।।
सुजीत कुमार 'जलज'
¤माजी-अतीत
5 comments:
ur writing is awesome bro.
why are u not writting regularly .
but try to write real and practical.
my good wishes is always with u....
ur writing is awesome bro.
why are u not writting regularly .
but try to write real and practical.
my good wishes is always with u....
its too gud.... keep it up.
yar tune mera kidnap karliya matlab mere dil ko
to firauti me kya loge jaldi bolo please sambhal kar rakhana
now , I will write regularly..
Actually I was busy in preparation of medical entrance.... After qualifying I am available here.
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