जरुर ही हम लोग किसी अच्छे और खास माँग को लेकर
धरणा पर है ,तभी तो प्रशासन हमसे नजरे चुरा रहा है ।
और माँग अगर खास नही होती तो शायद अब तक हम अपने
VIVA को लेकर रो रहे होते ।
बचपन की एक बात याद है मुझे । चिज जितनी खास होती ,
मेरी जीद उतनी पक्की । अब जरा उल्टा सोचकर देखता हुँ
।
जिद जितनी पक्की ,चिज उतनी खास । मतलब
कि RHAPSODY is really a nice thing.
दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद मजदुर को अगर रात
को भुखे पेट सोना पड़ जाए ।तो वो दिन दुर नही ,जब
मजदुर कहीँ भी अपना होश गँवा कर कहीँ भी आराम से
सो जाए ।
थोड़ी सी मस्ती करने का हक तो हमेँ भी है ही । भला कौन
सा गुनाह हमने कर दिया ये MEDICAL SCIENCE
लेकर ,जो हमेँ जिन्दगी के हर खुबसुरत लम्होँ से महरुम
किया जा रहा है ।
--
....jalaj@sujeet........
धरणा पर है ,तभी तो प्रशासन हमसे नजरे चुरा रहा है ।
और माँग अगर खास नही होती तो शायद अब तक हम अपने
VIVA को लेकर रो रहे होते ।
बचपन की एक बात याद है मुझे । चिज जितनी खास होती ,
मेरी जीद उतनी पक्की । अब जरा उल्टा सोचकर देखता हुँ
।
जिद जितनी पक्की ,चिज उतनी खास । मतलब
कि RHAPSODY is really a nice thing.
दिन भर की कड़ी मेहनत के बाद मजदुर को अगर रात
को भुखे पेट सोना पड़ जाए ।तो वो दिन दुर नही ,जब
मजदुर कहीँ भी अपना होश गँवा कर कहीँ भी आराम से
सो जाए ।
थोड़ी सी मस्ती करने का हक तो हमेँ भी है ही । भला कौन
सा गुनाह हमने कर दिया ये MEDICAL SCIENCE
लेकर ,जो हमेँ जिन्दगी के हर खुबसुरत लम्होँ से महरुम
किया जा रहा है ।
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....jalaj@sujeet........






